Prasad Bhandarkar playing bansuri behind pink flowers

बाँसुरी जितनी सरल, उतना ही गहरा उसका संसार…

मूल अंग्रेज़ी लेख से अनुवादित।

बाँस का एक खोखला टुकड़ा। उसमें आग से बनाए गए कुछ छेद। बस इतना ही…

मेरी जानकारी में बाँसुरी जितना सरल और प्राकृतिक कोई दूसरा वाद्य नहीं है। इसे न सुर मिलाने की ज़रूरत होती है, न बहुत जटिल देखभाल की।

फिर भी, जब कोई नया विद्यार्थी इसे बजाने उठाता है, तो यह आसानी से साथ नहीं देती। बाँसुरी से साफ़ और अच्छा सुर निकालना सीखने में कई महीने लग सकते हैं। मेरे गुरु अक्सर मज़ाक में कहते हैं, ‘बाँसुरी भगवान का वाद्य है और भगवान इसे केवल सच्चे भक्तों को ही बजाने देते हैं।’

यह वेबसाइट भगवान कृष्ण के इस दिव्य वाद्य को समझने में मदद करने का एक विनम्र प्रयास है।